कही दूर जब दिन ढल जाये

17 08 2006

आज सुबह यह वीडियो यू-टयूब पर अपलोड किया, यह शायद मेरा आखिरी विडियो होगा जिसको अपलोड किया है, कारण इस अपलोडिग मे करीब 2 घटे लग गये ,जब कि वीडियो मात्र 10 मि का होगा। आप भी देखो और मजा लो।
jagjit singh singing Mukesh song
Tags: jagjit-gazals
Added: August 16, 2006, 05:38 PM From drprabhatlkw
Recorded: 2006-08-17





तुम हमारे नहीं तो क्या गम है

6 08 2006

तुम हमारे नहीं तो क्या गम है

हम तुम्हारे तो हैं यह क्या कम है

मुस्करा दो जरा खुदा के लिये

शमे महफ़िल मे रोशनी कम है

तुम हमारे नही तो क्या गम है

हम तुम्हारे तो है यह क्या कम है

बन गया है यह जिन्दगी अब तो

तुझ से बढ  कर हमे तेरा गम   है

तुम हमारे नही तो क्या गम है

हम तुम्हारे तो है यह क्या कम है





तेरी बेरूखी तेरी मेहरबानी

3 08 2006

तेरी बेरूखी तेरी मेहरबानी

यही मौत है और यही जिन्दगानी

लबो पर तबस्सुम और आखों में पानी

यही है यही दिलजलो की निशानी

तेरी बेरूखी तेरी मेहरबानी

यही मौत है और यही जिन्दगनी

बताऊं है क्या आंसूओ की हकीकत

जो समझो तो सबकुछ न समझो तो पानी

तेरी बेरूखी तेरी मेहरबानी

यही मौत है और यही जिन्दगानी।





जगजीत-लाइव कन्सर्ट

2 08 2006





कभी खामोश बैठोगे कभी कुछ गुनगुनाओगे

1 08 2006

कभी खामोश बैठोगे कभी कुछ गुनगुनाओगे
कभी खामोश बैठोगे कभी कुछ गुनगुनाओगे ,मै उतना याद आऊंगा मुझे जितना भूलाओगे
कभी खामोश बैठोगे कभी कुछ गुनगुनाओगे

कोई जब पूछ बैठेगा खामोशी का सबब तुमसे
कोई जब पूछ बैठेगा खामोशी का सबब तुमसे ,बहुत समझाना चाहोगे मगर समझा ना पाओगे
मै उतना याद आऊंगा मुझे जितना भूलाओगे
कभी खामोश बैठोगे कभी कुछ गुनगुनाओगे

कभी दुनिया मुकम्मल बन आएगी निगाहो मे
कभी दुनिया मुकम्मल बन आएगी निगाहो मे , कभी मेरी कमी दुनिया की हर एक शह् बेमानी है
मै उतना याद आऊंगा मुझे जितना भूलाओगे

कही पर भी रहे हम तो मुहब्बत फिर मुहब्बत है
कही पर भी रहे हम तो मुहब्बत फिर मुहब्बत है ,तूम्हे हम याद आएगे हमे तुम याद आओगे
तूम्हे हम याद आएगे हमे तुम याद आओगे -2

कभी खामोश बैठोगे कभी कुछ गुनगुनाओगे
मै उतना याद आऊंगा मुझे जितना भूलाओगे
कभी खामोश बैठोगे कभी कुछ गुनगुनाओगे