तुम हमारे नहीं तो क्या गम है

6 08 2006

तुम हमारे नहीं तो क्या गम है

हम तुम्हारे तो हैं यह क्या कम है

मुस्करा दो जरा खुदा के लिये

शमे महफ़िल मे रोशनी कम है

तुम हमारे नही तो क्या गम है

हम तुम्हारे तो है यह क्या कम है

बन गया है यह जिन्दगी अब तो

तुझ से बढ  कर हमे तेरा गम   है

तुम हमारे नही तो क्या गम है

हम तुम्हारे तो है यह क्या कम है